झाल
कर दो
थे बुद्ध बढ़िया है कि भगवत गीता बढ़िया
दोनों में से क्या जरा बढ़िया आज इस
विडियो को देखकर कि आप समझ जाएंगे इसलिए
पूरा देखिएगा आ
मेरे कुछ सवालों को ध्यान से सुनिएगा अगर
भगवान ने हमें बनाया है तो वह में तब दुख
क्यों देते हैं अगर उसी भगवान ने हम सब को
बनाया तो आपस में इतनी नफरत क्यों है मैं
तो एक अच्छा इंसान हूं अच्छे लोगों के साथ
बुरा क्यों होता है एक दिन सब मैं संसार
छोड़कर जाना है तो किसी के जाने पर मुझे
तो क्या होता है यह सारे सवाल हाथ से ढाई
हजार साल पहले अगर एग्जेक्ट करूं तो 269
साल पहले इंसान के मन में आए थे जिनका
जवाब ढूंढने के लिए हुसैन रातोंरात अपना
महल छोड़ दिया था नमस्कार विवेक मिश्रा
बोल रहा हूं पाउडर tube.com खड़ा हो गया
हफ्ते के बाद एक हर संडे को सुबह 8:00
पावरफुल पिस्टल लेकर आ रहा हूं और आज बात
करेंगे श्री गौतम बुद्ध की डिफाइन मैटर ऑफ
बुध इस समय गौतम बुद्ध बैठ कर मेडिटेशन
करते थे उस समय क्रमिक भूख हड़ताल से
खूंखार जानवर शेर हाथी चीता हिरण आप आसपास
आ करके बैठ जाते थे वहीं जिला जयपुर आगमन
की वॉल्व जो भी जानवरों व करके बैठ जाते
इंटिमिडेशन के आसपास ना उनको हम पहचानते
ना आपस में लड़ते खतरनाक सुबह कल बुद्ध
पूर्णिमा का दिन है इसलिए आज गौतम बुद्ध
का स्वर्ण करने के लिए लोग आए हैं वह
निर्माण जून गौतम बुद्ध प्राप्त किया उनके
साथ में आज मैं कुछ सुंदर कहानियां
बताऊंगा जीवन बदल देंगी जीवन बदल देंगी आज
यह कहानियां लॉर्ड बुद्धा ही रनवे
इंकारनेशंस आफ भगवान कृष्ण भगवान विष्णु
के मत से भरा पूर्व मंत्री नरसिंह राम
बलराम परशुराम युद्ध कल की बुद्धिमता
नाइंथ इंकारनेशन शक्ल कभी आईने हैं तो आज
हम बुद्ध की बात करेंगे उन वादों के दिन
की पहली कहानी है इस कहानी का नाम है
दुर्भाग्यवश उत्तम क्या कहानी है महाराज
शुद्धोधन
सम्राट शुद्धोधन और उनकी महारानी महामाया
इनके पुत्र थे गौतम बुद्ध जब महारानी
महामाया जन्म देने वाली एक बच्चे को तो
सोचिए कि अपनी मां के घर जाती हूं अपनी
मां के घर जाने के लिए जो अपनी टीम के साथ
अपने आस-पास जो उनके साथियों को लेकर जा
रहे थे तो रास्ते में प्रसव पीड़ा हुई जिस
स्थान पर प्रसव पीड़ा हुई इसको बोलते
लुंबिनी नेपाल में पड़ता है आज के समय
पहले भारत वर्ष तथा लुंबिनी में एक पेड़
के नीचे उन्होंने गौतम बुद्ध को जन्म दिया
आज भी वहां पर लगभग 12 लाख टूरिस्ट हर साल
जाते हैं पॉइंट पूरी दुनियां से और खासतौर
से इंडिया थाइलैंड श्रीलंका चाइना आज अब
जब इनका जन्म हुआ तो किसी योग्य नेतृत्व
बता दिया था कि या तो यह महान संत बन गया
महान सम्राट बनेंगे महाराज सम्राट शोधों
ने यह बात सुनी तो उन्होंने सोचा कि यह
महान सम्राट बनने चाहिए संत नहीं अगर संत
बन गया तो मेरे जो उत्तराधिकारी कौन होगा
और यह संत ना बन जाए इसके मन में वैराग्य
न आ जाए तो उसे सभी प्रकार के दुख तकलीफों
से समस्याओं से दूर रखता हूं जब कभी दुख
देखिएगा नहीं तो उसके मन में वैराग्य आएगा
ही नहीं तो उन्होंने उनको महल के अंदर
राजमहल के अंदर ही पालन-पोषण किया बहुत
सुंदर अप्सरा जैसी तू खूबसूरत देवी के साथ
उनका विवाह भी कर दिया 19 साल की उम्र में
उनका विवाह हो गया वहीं कविराज में से
बाहर निकलें नहीं सारी सुख-सुविधाएं सारे
फूड क्लॉथिंग प्लेजर वहीं को मिल जाते थे
गौतम बुद्ध अभी घर पर सब ठीक तो एक समय
आया जब उनके पिता को कहीं ट्रेवल पर
निकलना था उस दिन अचानक यह भी अपने कुछ
टीम को बोले कि मैं को लेकर किशोर कुमार
के लाओ जब इनको शेयर गोमेज तो रास्ते में
यह हैरान हो गए टूर में देख करके एक आदमी
अजीब सा बैठा हुआ कि जिन्होंने पूछा था
आर्थिक से यह कौन है वहीं बूढा आदमी है
मुल्क क्या हुआ इसको देखिए अजीब सा लग रहा
है बोलेंगे बूढ़ा आदमी हर इंसान को बूढ़ा
होना है एक व्यक्ति बूढ़ा हो जाएगा इनका
रियल एडिशन हुआ कि मैं बूढ़ा हो जाऊंगा
कि आगे गए तो उन्होंने देखा कि एक आदमी
तरह आ रहा है सड़क पर लेटा हुआ हूं मैंने
पूछा क्या हुआ बोलिए बीमार है वह बीमार
क्या होता है कि पहली बार निकले अपने
राजमहल से बाहर तो वह बीमार मतलब बीमारी
लग जाती हर आदमी को बीमारी लगेगी उन्हें
पूछा उसको भी आएगी बदलाव लगेगी और आगे गए
तो राम नाम सत्य हैं इस प्रकार एक शव
यात्रा जा रही थी मैंने पूछा यह क्या हुआ
बोले किसी का देहांत हो गया है इसकी
मृत्यु हो गई है उन्होंने बोला वो क्या
होता है बोलो हर व्यक्ति का देहांत होता
है मृत्यु होती है वह देखा कि मेरी भी हो
जाएगी गुलाब की भी होगी उस दिन गौतम बुद्ध
ने ऐलान किया कि मैं क्या कर रहा हूं
इंटरप्राइजेज दोनो अनफ्रेंड कर क्या रहा
हूं मैं क्यों अपना समय बर्बाद कर रहा हूं
अगर हम सब ने जन्म मृत्यु जरा व्याधि यह
चारों तकलीफ में यानी कि जन्म होना उनकी
डेथ हो ना बीमारियां आना बुढ़ापा अनार यह
सब के साथ होगा अगर तकलीफें बुराइयां
परेशानियां सबके साथ आएंगी तो इसका मतलब
कि आप यहां पर बैठ कर आराम करता हूं यहां
तो इसका अर्थ यह हुआ कि हमारे को जीवन
मिला कि हेल्प परपस के लिए यह अपने आप को
रोक नहीं पाते थे छोड़ना चाहते थे क्व
बाहर निकलना चाहते थे बहुत दिन से वैसे तो
योगी-महात्मा ने पहले बता दिया था यह महान
संत के महान सम्राट बनेंगे तो उनके संत के
लक्षण बाहर आने लगे यह घर पर रहकर कुछ
प्रॉब्लम है लगा यह पत्नी के साथ उनको
बच्चे के साथ में स्रोत सूख नहीं मिल रहा
था यह इन सारे प्रश्नों का उत्तर ढूंढना
चाहिए जो प्रश्न है आपको पता है जिसके लिए
निकलना चाहते नहीं निकल पाता पर एक दिन
रात को चोरी छिपे चोर की तरह चुपचाप बैठे
पीछे मुड़कर नहीं देखे निकल गए पीछे
मुड़कर नहीं देखें तुमको मालूम था पीछे
डालूंगा तो मेरे पुत्र का प्रेम और मेरी
पत्नी धर्म पत्नी जिससे वह प्रेम करते थे
उनको वापस खींच लेगा श्री चुपचाप निकल गए
और भगवत गीता की लेकिन वह लर्निंग यहां पर
किया उन्होंने ट्वीट किया भोग ऐश्वर्या पर
सकता नाम तय हफ्तों तक चेतराम
व्यवसायात्मिका बुध्दि संवाद होना विधिवत
जिस व्यक्ति की फोकस्ड बुद्धि नहीं है
समाधान अविदित वह कभी भी समाधि में प्रवेश
नहीं कर सकता वह व्यक्ति जो भोग में और
ऐश्वर्य में लगाएं तो उस दिन और भ्रष्ट व
त्याग दिया उनका कहना था कि फिर भगवत गीता
का अध्ययन करना कि उस जन्म मृत्यु जरा
व्याधि दुख 20 उधर श्रमणों दर्शन मनुष्य
दर्शनम उन्होंने सारे दुखों को उस का
अनुदर्शन का दर्शन किया उसको समझा उसको
पहचाना कि जीवन के अंदर जन्म मृत्यु जरा
व्याधि यह बहुत बड़े दुख हैं अब यह निकल
पड़े अपने अध्यात्मिकता की खोज की यात्रा
में कई महीने साल बीत गए आपको एक कहानी
सुनाता हूं एक आउटकास्ट विमेन इसको बोलते
हैं अछूत सधारण समाज के अंदर वह रास्ते
में एक मटका ले करके ठंडा शीतल जल चलते
चले जा रही थी धूप कर देंगे तब बहुत गर्मी
थी
भगवान बुद्ध ने उसको रोक आता कि क्या तुम
लिए थोड़ा जल पिला सकती वहीं ब्राह्मण
मुझसे जल मत मांगिए चुकी यह और होली ने
इसमें कंटेमिनेटेड हूं मैं दूषित हूं
मैंने पूछा
मुक्त दूषित कैसे गुजारुंगी मैं आउटकास्ट
में लोग कस्टमर नीची जाति की हूं उन्होंने
कहा मैंने पानी मांगा है तुम्हारी जाति को
नहीं मांगा है वह जाति नहीं पूछी तुम्हारी
वह ब्राह्मण लेकिन मैं तो आउट हूं तो वहीं
गौतम बुद्ध ने जवाब दिया था कुनै खून
दिखाता है गुस्सा खाता लालची है इच्छा
रखता है द्वेष रखता है बेशर्म है जिसमें
बुराइयां है वही माने पाखंडी है वह नीची
जाति का है जाति जिसमें जन्म वह डिफाइन
नहीं करती और यही लहसुन बुध जजमेंट भगवत
गीता जो बात कर रहे हैं चातुर्वर्ण्यं मया
सृष्टम् गुणकर्म विभाग शगुन आकर मां विभाग
जज वर्णन है आपका वह गुण और कर्म विभाजित
है आपके क्या गुना डिस्प्ले कर रहे हैं और
कैसे कर्म है आपके यह जन्म विभाग व नहीं
है यह गुण और कर्म विभाग शर्त वतन धक्का
मनुष्य जन्म से नहीं बल्कि कर्म शुद्ध या
ब्राह्मण होता है कोई भी मनुष्य अपने
कर्मों से महान बनता अपने जन्म से महान
नहीं बनता है दोबारा यात्रा है तुम सारे
के सारे धर्मों में इतना कुछ सीखने के लिए
और बुध व भगवती का जूनून केवल फाइल है
बल्कि सीक्वेंशियल भी है और पार्लर भी
इंटरववन है दोनों में एक जैसी सुंदर से
सुंदर शिक्षा हैं इसलिए मैं दोनों का
सामंजस्य आपको इस वीडियो को पूरा बताऊंगा
तीसरी कहानी एक यह एक खराब देवी जी के घर
पर कुछ भोजन करने गए उनसे शिक्षा ग्रहण
टार्जन की शिष्या थी और जब वहां पर कुछ
नौकरानी आकर के कुछ खाना परोस रही थी भोजन
परोस रही थी तो वहीं एक नौकरानी से बड़ा
बर्तन भोजन का नीचे गिर गया भोजन फल भी के
नीचे गिर गया और उसने मालकिन की तरफ देखा
मालकिन मुस्कुराई बोली कोई बात नहीं दूसरा
बर्तन ले आओ
मैं तुझे परेशान हो गई होली मेरी मालकिन
ने मुझे कुछ डाटा नहीं मुझ पर चलाया नहीं
चोर नहीं किया पिछले मालिक तो मेरा बुरा
हाल कर दिया था यह कैसी मालकिन ने इसके
अंदर इतना प्रेम इतनी करुणा कैसे इतनी
जल्दी माफ कर दिया
है तो व तंबाकू जब चले गए तब और अपनी
मालकिन से पूछा कि आपको गुस्सा क्यों नहीं
आया मेरे ऊपर थी मलकिन प्रेम से मुस्कुरा
कर बोली अपने ब्लाउज से इस साइड से कागज़
निकाला और चिट्ठी दिखाइए बोला के आज
सुबह-सुबह मुझे संदेश आया कि मेरे पति और
जेठ पुत्रों का देहांत हो गया किसी ने
उनकी हत्या कर दी वहीं जब मैं उससे दुखी
नहीं हुई और तब भी अनफिट मुस्कुराहट के
साथ भगवान की सेवा कर रहे हो तो आपका
बर्तन कितना तो बहुत छोटी सी बात है
कि वह नौकरानी हैरान हो गए फुल इतना बड़ा
हाथ था अब हरा नहीं है वह लें क्योंकि मैं
भगवान बुद्ध की शिष्या हूं मैं उनके
डिसाइड और हूं और वही एडिसन ने किया आ वह
यह स्टाइलिश होने की अध्याय के 19 वें
श्लोक में प्रश्न उठा ज्यादा दीपो
निवातस्थो नाइन गत शुक्रवार सिमर का योग
इनायत या जनजाति आयोग हम आत्मा जैसे दीपक
रख िदया क्विंटल रिसेंट लिस्नर्स आफ हवा
नी वात वात यानी वायु नहीं है वह आराम से
टिक्की जलता रहता है वह दिया है सा हिलता
नहीं व्यवहार नहीं करता आराम से जलता रहता
है उसी प्रकार योगी का भी चित्र इसी
प्रकार स्टेबल रहता है जिसने गौतम बुद्ध
के थे जिसने अपने मन को वश में कर लिया और
उसकी जीत को देवता भी हार में नहीं बदल
सकते हैं जिसने अपने मन को वश में कर लिया
डुप्लीकेट लाइसेंस भगवान बुद्ध को लेकिन
दिए हैं वह इतने पावरफुल है अगर आदमी इस
विडियो को देख करके इस इसमें कुछ भी अपने
जीवन में उतारे ना इतने शक्तिशाली इतने
ताकत अजय देवगन आपको हर नहीं पाएगा हां
वीडियो दे रहा हूं मैं आपको हाथ संडे को
पावरफुल वीडियोस देता हूं ढाका के सुबह
8:00 वापिस खड़ा होकर पूरी एनर्जी के साथ
आपने कस्टडी मांगी थी कि लेते जाइए एक के
बाद एक चौथी कहानी पावरफुल माइंड कंट्रोल
यह कहानी किसकी हाथी की कहानी एक हाथी जो
राजा का सबसे शक्तिशाली पावरफुल ओबेडिएंट
सेंसिबलर्व स्किलफुल हाथी था यह लड़ने में
युद्ध कौशल में पारंगत हाथी हर युद्ध कों
जिता खिलाता था अपने महाराज अपने सम्राट
ठोस बहुत ही एक दिन एक दलदल में फंस गया
और दलदल में फंस गया उसका मिट्टी के अंदर
चिकनी मिट्टी के अंदर उसका पांव अपने अंदर
चला गया बाहर नहीं आ पा रहा जब ने बड़ा
जोर लगा है बहुत मेहनत की बहुत प्रयास
किया लेकिन ही बाहर नहीं आ सकता पानी पीने
के हाथ और फास्ट के अंदर जब ने सूरत सारा
जोर लगा लिया तो उसके बाद उन्होंने गौतम
बुद्ध को बुलाया बोलो भगवान बुद्ध आप मदद
करिए भगवान रुद्र आसपास देखा और एक बड़ा
छोटा सा काम करो सब लोग जाओ और युद्ध के
नगाड़ों को लेकर कराओ बुद्ध के नगाड़े
डू से बजाओ और यह
तो थी
उसने
शोर मचाया तो यह दूसरा
यह थी जिसको करने लगा दिया
गया तो गौतम बुद्ध चाहिए
इसकी फिजिकल एबिलिटी में कमी नहीं थी इसको
थोड़ा सा और मोटिवेशन चाहिए था युद्ध
कॉन्फिडेंस मोटिवेशन ढोल-नगाड़े सुनते ही
इसके अंदर ताकत वापस आ गई अगर आपको कोई
लगाने वालों को मोटिवेट करने को यह
कम्युनिटी से लोगों को
बड़ा सके तो आप फिजिकल करना है जून में
फिजिकल कमी नहीं थी मेंटल कमी थी जो कृष्ण
को मोटिवेट किया है कि आस-पास अपने आपको
सेलेक्ट कर लो कृष्ण कहते हैं क्लैब्यं मा
स्म दब पार्थ नैतत्त्वय्युपपद्यते
शुद्ध हृदय दौर्बल्य हम चैप्टर उत्तिष्ठ
अपन त पकड़ा उजागर चंद चेस्ट क्या
तुम्हारे अंदर इतनी दुर्बलता
चाहिए
वापसी स्वर्गं जित्वा वा भोक्ष्यसे महीम
तस्मादुत्तिष्ठ कौंतेय युद्धाय
कृतनिश्चय
दूसरे व्यक्ति
के हाथों से स्वयं अगर तुम्हारी हत्या
अथवा
सब्सक्राइब कर
रहे हो
तुम
जीत गए तो तुम भोग भोगे इस पूरी पृथ्वी को
इस पृथ्वी को स्वर्ग बना करके से
निश्चित रूप से युद्ध करो कि अगर तू झालू
स्वर्ग में जाएगा लेकिन अगर तुम जीत गया
तो धरती को स्वर्ग बनाएगा तेरी तो दोनों
के दोनों सिचुएशन में जीत है अर्जुन इतना
कौन प्रिंस क्या बोले आपको भगवान बुद्ध
थोड़ा सा क्वांटिटी देने वाला आजू-बाजू
आपको चाहिए कोई ऐसा चाहिए कोई आप यह जो
ऐसे लोगों को सेलेक्ट कर लो जो आपको
इंस्पायर मोटिवेट का और बार कॉल पर डाल
दिया और आगे निकल जाए मैंने इसलिए रबड़ी
फोकस कमिटी बनाई है वह कस्टम मिनट ऐसा कुछ
फ्री है फ्री में दे रहा हूं आप लोगों को
जिसने बड़ा ऑब्जेक्ट ऐप डाउनलोड किया आज
डाउनलोड कर लो क्यों हां सब के सब इधर-उधर
फालतू कांटेक्ट कंज्यूमर कर रहे हैं
गाना-बजाना सब चल रहा है उन गाने बजाने को
छोड़कर के एक ऐसी प्रोडक्टिव आप बना दिया
जहां पर लाखों लोग एक दूसरे को आकर के
कॉन्फिडेंस दे रहे हैं वहीं जो भगवान
बुद्ध ने कहा मोटिवेशन दे रहे हैं ताकि
लोगों को डांटते हो सके पावरफुल सके
Facebook स्नैपचैट या का जीवन खराब कर
देगा क्योंकि आवास पर यह क्या आप इस देश
के हाथ अपने परिवार के अपने मां-बाप के
भविष्य हो और आमतौर पर इन्हें बिलकुल नए
रास्ते चाहिए वह मोटिव्स क्वांटिटी शहीद
आप भूल से बीना भट्ट को वह नेक्स्ट न्यू
बेटर आइडिया देने के लिए कौन मना कर रहा
है डील्स देखने को देखो रियल लेकिन कहां
देखो वह यह देखो जब कॉन्फिडेंस मोटिवेशन
देते हो किसी के लिए अपने आप बनाई है सबके
लिए फ्री ऑफ कॉस्ट एकदम परीक्षण आज पैसा
ले रहे हैं नकल पैसा लेंगे हम लाखों लोगों
के दूसरे की मदद कर रहे हैं और यह बड़ा
बिजनेस कमिटी की आप अब तो इतने सारे
दोस्तों बताई डाउनलोड करिए वीडियो खत्म
होता है ना एक काम जरुर कर देना ऐप
डाउनलोड करके अपना प्रोफाइल बना लेना ऐसी
इस मिलेंगे कि नहीं मिलेंगे जहां था और
आपको हाजिर रेलीवेंट कंटेंट ही नहीं
पांचवी कहानी जब भगवान बुद्घ ने एक इंसान
को माफ करने के लिए मना कर दिया क्या
कहानी दिए किसी को माफ करने के लिए बनाकर
भगवान बुध हा किया था क्योंकि यह था एक
बहुत अमीर बिजनेसमैन था एक बार की बात बता
रहा कुछ बहुत अमीर बिजनेसमैन
ऑरेगैनो शाम को घर जल्दी आ गया तो
उन्होंने देखा कि उनकी धर्मपत्नी भगवान
बुद्ध को कुछ खाना खिला रही है भोजन करा
रही हैं वह बिजनेस मैन ऐक में आया बोला
बेशर्म साधु ए बर्ड बॉडी यह तुम में आ
ताकतवर और शरीर से हट्टे-कट्टे हो कुछ
करते क्यों नहीं अपना राज्य असम राज्य
छोड़कर की अध्यक्षा मांग रहे हो किसी काम
के आदमी नहीं हो तुम भगवान् बुद्ध
मुस्कराए
हैं और आगे चलने लगे चलने लगे तो आदमी को
और खून लगा लें और उम्र तक उसको ना मतलब
बिल्कुल मतलब यह ऐसे समय में जैसे आधे
ग्लाइको फ्यूल आपके अंदर घी डालने का काम
किया भगवान की मुस्कुराहट नेक्स्ट उसको और
खून आ गई और उन्हें खरीद अवधि में आ गया
भगवान बुद्ध के मुंह पर थूक दिया जब भगवान
बुद्घ के मुंह पर थूक दिया भगवान बुद्ध ने
उसकी ठूक को साफ किया फिर उसको लाएं और
आगे चल पड़े व्हाट मीन आफ डिस्टर्ब हो गया
था परेशान हो गया कि कोई रिएक्शन नहीं
पहले गाली बकी तो कुछ नहीं कर रख दिया तो
कुछ नहीं था मुस्कुरा कर चले गए वह आदमी
सारी रात सो नहीं पाया क्योंकि दंपति ने
कहा यह सबसे बड़े संत है तो मैं ललित किया
उम्र सारी रात सो नहीं पाया भगवान उससे
माफी मांगने गया अगले दिन जब भगवान बुद्घ
की संभावना सभा के अंदर जा करके सबके
सामने से माफी मांगी मुझे माफ कर दीजिए
मुझे कल गलती हो गई तो भगवान बुद्ध का
महत्व आप को माफ नहीं कर सकता मैं कैसे
बात करूं आपको मैं माफ नहीं कर सकता आपको
बोले आप माफ कर मुझे माफ कर दीजिए प्लीज
मुझे माफ कर दीजिए मैंने गलत किया
प्रॉब्लम है कैसे माफ करो मैं आपको माफ
नहीं कर सकता आइकॉन इस पर ही दूं मैं आपको
माफ नहीं कर सकता था आसपास के लोग हैरान
भोले भगवान बुद्ध इतने शमशुल है यह को माफ
नहीं कर रहे तो भगवान उन्हें दोबारा से
पूछा तो भगवान बुद्ध ने कहा कि तुम किस
बात की माफी मांग रहे हो बोला कल मैं यहां
पर थूक दिया भगवान ने का वह कल था और मैं
कल कोई याद नहीं करता मेरे लिए हर दिन एक
नया दिन है और आज मेरे नया दिन एक ही मुझे
कल याद ही नहीं अब मुझे याद ही नहीं आपने
कोई गलती करी तो फिर मैं माफ कैसे कर सकता
हूं माफ तो मतलब करूंगा जब मुझे पता नहीं
कि आपने कोई गलती करिए सिंस आई डोंट
रिमेंबर व्हाट शुड एंड हाउ कैन वे फॉरगेट
यू एवरी मॉर्निंग ठे वेयर बोर्न अगेन है न
यह भगवान बुद्ध ने भगवद गीता के कौर
प्रिंसिपल कंवलजीत स्टेप्स किया है क्या
कहते हम समझदार व्यक्ति वह कहलाता है जो
धीरज रखने वालों की विरोध करने वाला और
देखिए नववर्ष में नहीं अर्थात दैहिक
मार्मिक वर्णन जरा तथा दुहान तरफ प्राप्त
अधीर अख्तर न मुख्य अतिथि जोधा व्यक्ति है
कि वह कल जो शरीर बदल गया परसों जो शरीर
बदल गया को मातरम यौवन अमझरा हक बचपन
जवानी बुढ़ापा शरीर बदलता है रोज बदलता है
और कल की बात को वह बदलकर के खत्म कर देता
है धीरज तृणमूल यह तीन व्यक्ति मोहित नहीं
होता है हर दिन नया अवतार से कोई फर्क
नहीं पड़ता कि कल क्या हुआ हर दिन नई
शुरुआत कर सकते हैं यह भगवान बुद्ध का
प्रवचन है क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले
को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकडे के
समान है कि मैं किसी और के ऊपर कोयला
बेचने वाला हूं गर्म-गर्म कोयला किसी और
को बर्फ का यह 200 सहमत को पकड़ता हूं तो
पहला मुझे होता है पहला मेरा हाथ जलता है
बाद में के कोई और 10 जले ना जले यह पक्का
नहीं है लेकिन मैं जरूर जाऊंगा छठी कहां
ने चर्च और हैप्पीनेस भगवान बुद्ध के पास
ही की एक अश्वेत रंग की धर्म बस बोलते हैं
थोड़े सामने काले से रंग एक लड़की आई बोली
मैं बहुत दुखी हूं कि कितनी बदसूरत हूं
मैं बहुत दुखी हूं मैं क्या करूं मैं कैसे
आनंद को प्राप्त करो कि मैं खुश हो जाऊं
मुझे खुश हो आवाज दीजिए इतनी अगली नेट
इतना गंदा मेरा चेहरा में काली हूं यदि
रखती हूं इसलिए मैं दुखी हूं मेरे दोस्त
को समाप्त करिए मेरे को कोई मुझे कोई
रास्ता दिखाइए भगवान बुद्ध मुद्राएं
बोले मैं रास्ता दिखाना चाहूंगा पर मेरे
काम करिए जाइए कि ऐसे आदमी को पकड़ कर
मेरे पास ले आई है जिसके जीवन में कोई दुख
ना और बहुत खुश हो वह बहुत हटाने
प्रोडक्शन हाउस में अपने किसान जिसका काम
करती हूं उसके पास जाती हूं जो भी काम
बेहतर टीम और कमाता व है तो किसान के पास
गई बोली मालिक कर भगवान बुद्ध के पास जाना
है कि मुझे किसी ऐसे व्यक्ति को मिला है
जो हमेशा कुछ लोगों के जहन में कोई दुख ना
हो तो मालिक कमला प्रसाद चलिए तो किसान ने
बोला कि मैं तो खुद बहुत दुखी हूं मैं
कैसे चलूंगा मैं आपको डिपॉजिट करना चाहता
वह मालिक आपके पास तो जमीन है पैसा है
खाना है आप कैसे खुद रखिए
है तो किसान जवाब दिया कि मेरे पास जमीन
नहीं खाना है पैसा है लेकिन यह सब कुछ मैं
जमींदार को दे देता हूं जमींदार मुझसे ले
जाता है उसको भी किसानी करने भी नहीं
पड़ती है उसको खेती करने पर नहीं पड़ती है
और वह कमा लेता है वह हमसे ज्यादा कमाता
हमसे जुड़ चुकी है तो उसी के लिए काम कर
रहे हैं तो वह नो प्रॉब्लम है जिम्मेदार
के पास चली जाती हैं वह जरा चुकी है तो
जमींदार के पास जाती है और बोलती है कि हे
भगवन आप नीचे लिए मुझे भगवान बुद्ध के पास
जाना है किसी व्यक्ति से मिला है जो कि
मैं कोई दुख ना आओ जमींदार हैरान हो गया
बुलेट मेहनत मैं तो सबसे जरा देखूं पुलाव
कैसे दुखी हैं आपके पास इतना पैसा कितना
रिस्पेक्ट इतना सम्मान है बोले मुझे दुख
है और परेशानी है और टेंशन है चोरों की
लुटेरों की डकैतों की हर से मुझ पर नजर
रखते हैं रात को मैदान से सो नहीं पाता तो
बोले फिर कौन है सुखी व्यक्ति मुझे अपनी
सुखी जो मिनिस्टर है ना राजा के वह सब
नज़र आ चुकी हैं उन्हें क्या करना है वह
को दंड देते हमसे टैक्स देते हुए तब
वसूलते हैं और आराम से राजपाट का सुख भोग
रहे हैं कि कोई बातें आपके पास जाती हो या
मिनिस्टर के पास जाती तो वहां भी उत्तर
मिलता है उसको के मुझ पर तो जनता का
गुस्सा फूटता युद्ध का परिणाम यह सब झेलना
पड़ता है इतनी तकलीफ है जो राजा बोलते
करना पड़ता है कोई छुट्टी नहीं मिलती 365
दिन काम करना पड़ता है इसमें राजा के साथ
जुड़ा हूं लेकिन सारी तकलीफें मुझे कुछ
झेलनी पड़ती हैं तो कुछ वृद्ध है तो वह
राजा किसी क्योंकि आज आपको इंट्रस्ट नहीं
देता राजा सर्कुलेशन देता है तो वह
क्योंकि वह राजा के पास गई तो राजा का भी
वही हाल राजा बोला नहीं तो बहुत परेशान हो
तुम क्यों परेशान हो बोले मेरे दुश्मन
मेरे घर में रहते हैं कब कौन मुझे मालूम
है पता नहीं ना मैं सो पाता हूं मैं ना
पीस आफ माइंड है मैं तो इतना परेशान रहता
हूं कि मैं कहीं अकेले नहीं जा सकता मेरे
साथ में इतने लोग जाने पढ़ते हैं और
कभी-कभी मन करता है कि मैं भी अकेले में
बाजार जाऊं तो थैंक यू लेकिन जितने लोग
जाना पड़ता क्रिएट समय टेंशन में रहता हूं
तो भगवान बुद्ध के पास गई उसने सारी कहानी
सुनाई ऐसा हुआ किसान के पास गई जमींदार के
पास गई मिनिस्टर के पास बड़ी राजा के पास
गई
है तो भगवान ने बताया उनको कि असल में
लक्षण है कि आपको जो सुख मिलेगा वहां से
मिलता है क्यों शुभम कर्तव्य हम असली सुख
कब मिलता है जब राजविद्या राजगुह्यं
पवित्रमिदमुत्तमम्
जहां कोर राज विद्या वशीकरण विद्या ज्ञान
आपके अंदर प्रज्वलित होता है खुशी पाने के
लिए प्रयत्न करें दूसरों पर निर्भर ना रहे
हैं ताकि जो मनुष्य लगातार शिकायत करते
रहते हो कभी खुश नहीं रह सकते हैं तो
पवित्रमिदमुत्तमम्
शुभंकर तुम व्यापमं के इतना सुख दुख कभी
समाप्त नहीं होगा यह सूखे बाहर नहीं मिलता
है
फोन किधर है आपके अंदर है अब तात्विक
कहानी यह कहानी वह जब भगवान एक वेश्या के
घर के प्रॉस्टिट्यूट के घर जाते हैं भगवान
के साथ हमेशा 2003 हलदार साधु-संत यानी कि
मानसून के साथ चला करते थे जब उनके साथ
चलते थे तो उनका नियम था कि कहीं पर भी
किसी भी भाव में तीन दिन से ज्यादा नहीं
है ताकि वहां के लोगों पर खाने का
व्यवस्था का कोई बोझ न पड़े तो नए गांव
जहां से वह गांव में पहुंचे तो वह बहुत
सुंदर बला की सुंदर इतनी खूबसूरत स्क्रीन
का स्वागत केंद्र कमा आम्रपाली आम्रपाली
उनको बोला कि आप मेरे घर पर भिक्षा
स्वीकार करने के लिए मैं आपको भोजन खिलाना
चाहती हूं बब्बर पाली की बात है तो सारे
गांव वाले थोड़ा अचानक एक दूसरे का मुंह
देखने लगे तो पूछा क्या हुआ बोलो भगवान वह
तो वेश्या है वह प्रॉस्टिट्यूट है उसके घर
जाएंगे तो बिल्कुल आप शुरू हो जाएगा आपकी
भक्ति का विनाश हो जाएगा तो भगवान ने काम
नहीं क्यों इन हॉस्पिटल से क्यों क्रश
होगा उसने प्रेम से बोला है मैं उसका भोजन
स्वीकार करूंगा बस मैं उसके लव अफेक्शन को
स्वीकार कर आ सकता हूं मुझे कि शरीर को
थोड़ी स्वीकार करना है वह उसने मुझे चाहिए
तो वह चले गए वेश्या के घर पर और लोग
इधर-उधर देखने लगे वह लगता है भगवान के
भक्ति स्मार्ट तो यही लगता है गौतम बुद्ध
का पतन हो गया है गौतम बुद्ध उनके घर पर
तो उसने को नए वस्त्र दिए बारिश में भीगे
हुए थे नए वस्त्र दिए उनको एक नया स्थान
दिया जा वह बटन को छप्पन भोग उनको अच्छे
से भोजन खिलाया और खिलाने के बाद उनको
कहां है भगवान आप यहीं आराम करें वेश्या
भी पास में जाकर के दूसरी तरफ जा करके सो
गई पूरा का पूरा गांव परेशान हो गया कि
वेश्या के घर पर जाकर के भगवान सहित
प्रॉस्टिट्यूट के घर पर उनके घर के अंदर
रात वहीं बिताई है तो सब भ्रष्ट हो गए सब
समाप्त हो गया पूरा गांव सुबह-सुबह इकट्ठा
हो गए दरवाजे के बाद यह देखने के लिए कि
भगवान जब बाहर आएंगे निकलकर कर वैष्णव
बैरागी तुम की व्यवस्था हुई अवस्था को
देखना चाहते हैं और वह जब सुबह हुई और
दरवाज़ा खोला तो दोनों भगवान
है और वही वेश्या आम्रपाली प्रॉस्टिट्यूट
दोनों के दरवाजे से बाहर निकले और जब बाहर
निकले उस सब हक्के-बक्के रह गए देख
हक्के-बक्के इसलिए रह गए भेजो कि वेश्या
जो कपड़े पहनती थी उठते ही नहीं वेश्या ने
उस समय किए हुए वस्त्र सैफरन को धारण कर
लिए और उस दिन हेड शेव करके वह भिक्षु बन
गई और भगवान ने क्या उत्तर दिया कि माही
वे धर्म और पावरफुल दिन हर पुरुष वेश्या
ने अपना जितना भी धन एकत्रित किया था सब
कुछ भगवान को दान कर दिया ताकि एक बौद्ध
मठ बनाया जा सके और क्या भगवत गीता का
प्रिंसिपल यहां स्थापित किया इसके
ज्ञानविज्ञानतृप्तात्मा कूटस्थो व
जितेंद्र गुप्ता आदित्य योगी संबंध दोस्त
शिवकांत झाल कि जो व्यक्ति ज्ञान के साथ
में विवेक से संतुष्ट रहता उस सभी
परिस्थितियों में अवस्थित रहता है उसको
कोई वेश्या विचलित नहीं कर सकती है वह धूल
पत्थर और सोने और कंकड़ को एक समान देखते
हैं धूल पत्थर सोने और कंकड़ को सैनी के
पत्थर भी हो या गोल्ड भी हो उसको एक
सम्मान देते हैं अपनी आदमी अगर भगवान के अ
ज्ञानी आदमी बैल के सामान्य ज्ञान में
नहीं बड़ा होता है वह आकार में बड़ा होता
है बैल केवल आकार में बड़ा होता है तो
भगवान ने बाहर निकलकर के झोपड़ी से वेश्या
के क्या उत्तर दिया कि मैं प्यूरिफिकेशन
इज मोर पावरफुल दिन हर कंटैमिनेशन और क्या
कहा कि मुझे इस व्यक्ति अतीत से कोई मतलब
नहीं उसका वर्तमान और भविष्य को से अपने
मन के अंदर नियंत्रित करके रखना है यानी
लोगों की संगत से जीवन व्यर्थ होने से बच
जाता है और बाकी लोगों के लिए हमने क्या
कहा कि चकित लाइलाज बीमारी है शक एक
लाइलाज बीमारी है जो को दीमक की तरह
समाप्त कर सकती है आठवीं तथा को पर चलते
हैं कलाइब्रेट नोट कंप्लीट एक व्यक्ति इन
भगवान की शरण में बुला मैं बहुत परेशान
हूं वो नेता क्यों परेशान हो मुझे महात्मा
बुद्ध में बड़ा व्यापारी हुआ करता था मेरे
साथ व्यापार डूब गया बोल क्या हुआ बड़ा
मेरा देश का बचपन का वो बहुत गरीबी में था
गुरबत में परेशानी में था मैंने उसकी
परेशानी उसकी मदद करी और इतनी मदद करें कि
आज वह बड़ा व्यापारी हो गया है हैं और रोज
बढ़ता चला जा इतना बड़ा व्यापारियों का और
मैं रोज गरीब होता चला जा रहा हूं पूरी
तरह बर्बाद हो गया मैं रोज उसको देखता हूं
कि वह और आगे बढ़ गया और वह अपने आप को
देखता हूं कि मैं और नीचे गिरा उसको देखता
हूं और आगे बढ़ा फिर देखता हूं और आगे
बढ़ा और भगवान को इतना बड़ा हो गया और मैं
बिल्कुल बर्बाद हो गया है
वो तो तुम मुझसे कहा कि तुम मुझे जाकर मदद
मांगी बोला नहीं मैं मदद मांगी अपने आप को
छोटा नहीं करना चाहता भगवान ने कहा
में एक ही गलती है तुम्हारी सोच की सबसे
बड़ी अचीवमेंट है कि उसने अपनी ग्रोथ पर
फोकस किया और तुम्हारा सबसे बड़ा फैलियर
है कि तुमने भी उसी की ग्रोथ पर फोकस किया
कि वह अपने ग्रुप पर फोकस करता रहा और तुम
उसी के रूप में प्रकट करते रहे वह उसका
सक्सेस बनाई है तुम्हारा पेयर बन गया
इंसान अपने दुख से दुखी नहीं है जितना
दूसरे की खुशी से दुखी है जब आप निशांत
दूसरे को खुश देखकर के डोप और यौन आज फॉर
हेल्प गया वह शहर तो लिया भगवान ने भगवद
गीता लाइक और प्रिंटर प्रस्तावित किया दम
वह दर्प अभिमान
अध्ययनम् चारभुजा तस्य पार्थ संपदा मामला
सुप्रीम के आंसू मतलब राक्षस के कुछ गुण
होते हैं वह क्या है पाखंड दम अभिमान
खुर्द इर्ष्या-द्वेष कि दूसरे के साथ में
द्वेष रखना यह का सूरी गुण है और तुम्हें
कछुए और असुर कभी प्रगति नहीं कर सकता है
यह शाहीर शेख से नहीं इर्ष्या प्रेम से
खत्म होती है और यही शाश्वत सकते हैं हम
उसी वक्त असफल हो जाते हैं जैसे कि हम
अपनों को छोड़ कर दूसरों पर ध्यान देने
लगते हैं और भगवान बुद्ध जैसे को समझाया
उसको यह बात समझ में आई स्नोवी कहां नहीं
हां नौवी कहानी क्या है हिप्स को बॉलीवुड
की कहानी है जरा ध्यान से समझना एक
राजनीति रसोईया हुआ करता था राजनीतिक शेप
जिनको महाराज सैफ रसोईया कुछ भी कह सकते
हैं हम वह भरपूर होता वह भगवान बुद्ध के
पास गया बोलो भगवान बुद्ध इतना काम करता
हूं बस इतना कटिंग चॉपिंग कुकिंग इतनी
मेहनत करता हूं इतना इन्नोवेटिव एंड बनाता
हूं लेकिन हमेशा अनु टेस्ट खेला जाता है
कि मुझे ऑफिस नहीं करता कोई मेरे लिए काम
पर ध्यान नहीं देता मुझे तो कभी कोई खरीद
नहीं मिलता तो भगवान बुद्ध को देखकर
मुस्कराए और बोले एक बात बताओ
कि इस पूरे के पूरे
कि राजमहल का सबसे बड़ा द्वार है मेन
द्वारा वह कितना दूर है वहां तक पहुंचने
में कितना देर लगता है तो यह के भवन में
पहुंचने में 2 घंटा लगता है अगर वह करके
आऊंगा पर शूट 2 घंटा लग जाएगा भगवान ने का
कोई बात नहीं जाओ पर जल्दी से जल्दी लौट
के आना बस दरवाजे को चुके आना शुरू हो या
भागा भगवान के अध्यक्ष पर और वापिस आया 1
घंटे में वापस आ गया
है तो सारे देखकर हैरान बोला था दरवाजे को
चुकाना 2 घंटे का काम 1 घंटे में लौट के आ
गया झूठा आदमी पिछले का नहीं भवन में
जवानों को चुके हैं बड़े कैसे हुआ था वह
भागते-भागते भागते हुए आया भगवान ने कहा
कि इन सब मानेंगे तबीयत में एक बार और
करोगे वह एक बार और गया भागा और वापिस
चुके घंटे में आ गया लोग अभी भी माने तो
यह यही नहीं होगा तू आई नहीं होगा तो
भगवान ने कहा फिर क्या किया जाए उसने कहा
हे भगवान यह काम करते हैं अपने ही किसी एक
शिष्य को बोलो कि वह द्वार पर खड़ा हो
जाएं वहां जाकर के चेक करें कि मैं ने
बुधवार को हुआ कि नहीं हुआ पवन ने कहा
मुस्कुराए बिने ठीक है वह जाकर द्वार पर
खड़ा हुआ इस बार वह भागते हुए गया और फिर
द्वार को छुआ होटल लौट कर घंटे में आ गया
और सपने कंफर्म भी कर दिया क्या है यह तो
दूर तक आया था और 1 घंटे में लौटकर आ गया
तो शिष्य ने पूछा भगवान की सारा क्योंकि
आपने अ वो बोले बस मैं यही बताना चाहता था
कि जब काम कर रहे हो ना तो ऐसे काम करो कि
आइसोलेशन में ना हो
कॉन्ट्रिब्यूशन में हो और कोलाबोरेशन में
ताकि लोग आपको देखकर के रिकॉग्निशन दे
सकें उनके अर्थ हुआ वह मैसेज मत करो किसी
को दिखाई न पड़े काम मैसेज करो कि जैसे
वहां पर दबा दें को छोड़कर केयर किसी ने
देख लिया था कि तुम्हारे कुछ करेक्शन मिल
सके इसको बोलते रिपोर्टिंग स्टेकहोल्डर्स
एक विजिबल स्कोरबोर्ड आज की मैनेजमेंट की
पढ़ाई में जो कहते हैं विजिबिलिटी एंड
अकाउंटेबिलिटी बे विजिबल स्कोरबोर्ड बिजनस
में भी काम के अंदर भी ऑफिस के अंदर ही
करना चाहिए और भगवत गीता एक और प्रिंसिपल
को स्टेप्स किया भगवान कृष्ण ने अपना
विराट रूप दिखाया और उनको भी दिखाना पड़ा
तो अपने काम को दिखाना पड़ता है हां क्या
पूरे संजय ज्ञान वर्धक इनवेस्ट लोक में
बोले एवमुक्त्वा ततो रहा जन महायोगेश्वर
हरी दृश्य माशा पार्थक पार्थ को अपना पूरा
दृश्य दिखाया परमं रूप में ऐश्वर्या ने
अपना पर अनुरूप ऐश्वर्य भगवान ने दिखाया
तो भगवान उसने बोला कि कभी-कभी अपना
ऐश्वर्या अच्छा होता है और भगवत गीता में
कृष्ण ने अपना शौर्य दिखा दो तुम तो
दोस्तों यह हो तुमको क्यों जरूरत नहीं
पड़ेगी ना भूलें दिखाने के लिए हेल्प इतनी
सुंदर लाइसेंस बनिए देखा कि धर्म और भगवत
गीता दोनों पढ़ाई एकदम सही है कि दोनों के
शिक्षा एकदम से मैं आज आपको दसवीं कहानी
सुनाने जा रहा हूं और यह तस्वीर कहानी
क्या है वन जो रिजल्ट अप सिड कम्स बैक
ट्यून क्या अर्थ हुआ एक बार भगवान बुद्ध
किसी गांव से लेकर है तो वहां पर एक बहुत
बदतमीज इंसान आगे करके भगवान बुद्ध के
सामने जोर-जोर से उनको गालियां देने लगा
कि तू स्टूपिड है और तुम्हें इफैक्ट्स आफ
हुए झूठे था दूर हो सारे गांव के सामने
जोर-जोर से चिल्लाने लगा बुरा भला बढ़ने
लगा इतना बुरा बना बोला तो भगवान बुद्ध
कोई असर नहीं पड़ा हुआ ऐसे मुस्कुराते रहे
थे हैं और आगे चल पड़े तारिक अनवर ने पूछा
फिर हमको इतना बोला बोला बोला आपको बुरा
लगा आपने कुछ जवाब नहीं दिया आपको कुछ तो
करना चाहिए था भगवान विष्णु से पूछा कि
अगर आप किसी के घर में कोई चिट्ठी भेजोगे
एक पार्सल भेजोगे अगर वह पार्सल को रिसीव
नहीं करता किसी कारणवश तो इस पार्सल को
चिट्ठी का क्या होगा तो गांव वालों ने
बोला था वह चिट्ठी पार्सल भेजने वाले हैं
वापस आ जाएगा भगवान ने कहा
हां यही तो मैं भी कर रहा हूं जो कि मुझे
गाली भी बुरा भला बोल अगर मैंने स्वीकार
नहीं तो आप उसके पास चला गया इसको बोलते
बैक टो थे सेंटर सेंटर के पास वापस चला
गया क्योंकि मैंने तो कुछ भेजा ही नहीं
किया जाता है तम्मना प्रशांतस्य परमात्मा
समाहित आ शीतोष्ण सुखेषु तथा मान-अपमान
योर कि जिसने मन को जीत लिया जाता आत्म
नौजेत आत्मनो जिसने मन को जीत लिया है
प्रशांत से वह इतना शांत हो जाएगा
परमात्मा समाहित अप्रमाद पत्तों को पहले
मिल गए हैं शीत उष्ण सर्दी-गर्मी सुख-दुख
मान-अपमान इन छह परिस्थितियों केंद्र व
हमेशा टेबल रहेगा तो जितना देर देखिए मेरी
बात को हमेशा याद रखिए कि क्रोध करना अपने
मन में एक बड़े बूब्स को रखने के समान है
तो भगवान बुद्ध कहते थे कि तुम अपने क्रोध
के लिए दंड नहीं पाओगे तुम अपने फ्रूट के
द्वारा ही दंड पाओगे क्योंकि शब्दों के
भीतर को नष्ट करने की और स्वस्थ करने की
दोनों बड़ी शक्तियां होती हैं और वही सारी
लेकिन जैसे-जैसे मैं भगवत गीता का पर एक
तो आज मैं आपको बताना चाहता था कि कैसे इस
सारे शास्त्रों में सारे धर्मों में कितनी
सुंदर शिक्षाएं हैं आप किसी भी धर्म
शास्त्रों को पढ़ते हो उसको जीवन में
अप्लाई करें और आपकी प्रगति होगी
ग्यारहवें अध्याय आज का फाइंडिंग थे इनर
पीस एग्जाम बोलो भगवान बुद्ध के पास आया
बुलाकर में बहुत मेहनत करो बहुत मेहनत
करूं तो मुझे क्या इनर पीस और दुखों से
मुक्ति मिल सकती है यानि कि आंतरिक शांति
और दुखों से मुक्ति मेरी चाहता हूं मैं
इसके लिए बहुत मेहनत करूंगा भगवान बुद्ध
का तो मैं 10 साल लगेंगे रुके उससे भी
ज्यादा मेहनत करूंगा तो निशान लगाएंगे
क्रॉच तीन गुना ज्यादा मेहनत करूंगा तो 30
साल लगेंगे वह लड़का परेशान हो गया बोला
कितना कहता हूं मेहनत करूंगा भगवान कहते
हैं और ज्यादा समय लगेगा परेशान हो गया
डिपॉजिट हो गया वह पूछा ऐसा क्यों तो
भगवान ने उत्तर दिया है पीने इज नॉट हैव
डाइड इन इट्स इंसाइड आउट यह आपके ज्ञान के
साथ अंदर से आती है श्रध्दावानं लभते
ज्ञानं तत्पर संयतेंद्रिय ज्ञानं लब्ध्वा
परां अंतिम अधिग्रहण आदि गति खुश व्यक्ति
के अंदर ज्ञान आ जाता मन को कंट्रोल कर
सकता डिवाइन नॉलेज के साथ वह एवर्लास्टिंग
पीस को अपने आप हल करने शांति
शांति को प्राप्त करने के लिए निकल चुका
होगा तकलीफ थी और यहां तक कि तो के लिए
भगवान ने कहा है कि बिहार उत्सव
व योग अवधि
समाप्त हो जाएंगे इस
तरीके से
ज्यादा दुख दुख दुख दुख
ज्यादा प्रयास करने का प्रयास करेगा और जो
व्यक्ति थोड़े में खुश रहता है वह सबसे
अधिक खुश रहता है तो भगवान ने गीता को
सब्सक्राइब कर लें और आखिरी कहानी
व्हाट्सएप पर
एक तो वहां कुछ अमीर लोग आए बहुत अमीर
वहां के राजा बड़े व्यापारी आई बड़े-बड़े
गिफ्ट ले करके बड़े-बड़े ले करके आए और
भगवान शिव को रिसीव करते हो और अपने शिष्य
को बोलते डिसाइड ऑयल को बोलते हैं इसको
साइड में रख दो सौ गिफ्ट रिसीव करते डिपर
होता है मेरा दोस्त अपके सब गिफ्ट दिए जा
रहे थे और भगवान इसको साइड में रखते जा
रहे थे वहीं वह ने देखा कि * गरीब औरत
पेड़ के पीछे छुपी हुई है और छुप-छुप करके
भगवान को देख रहे छुप-छुप करके भगवान को
देखकर है तो मैंने बुलाया आप बाहर आओ और
बाहर आए और जैसे बूढ़ी औरत है तू निकाल कर
भगवान मैं आपके सामने इसलिए व्यापारिक
मेरे पास आपको देने के लिए गिफ्ट नहीं है
और आधा खाया हुआ सेव था उसने तुरंत भगवान
को पकड़ा दिया और भगवान उसको राय उन्होंने
से अधिक है वे झूठे तक उठाया और खाना शुरू
कर दिया है ताकि भाड़े के भवन इतने
बड़े-बड़े गुप्ता या अपने पूरे स्किन की
साइड में रख दिया इसने झूठा आधा खाया हुआ
तेज उसको आपने खा लिया तो भगवान ने उत्तर
दिया एक बड़ा सरल से मेरी बात को समझो
सरलता से भावग्राही
जनार्दनराय कि मैं भाव को ग्रहण करता हूं
और भगवान ने क्या कहा पर उन्होंने कहा कि
जितने भी राजा-महाराजा और बड़े-बड़े सेट
हाई मेहदार गिविंग में ही one-tenth आफ
ठेर कैपेसिटीज और एक बूढी औरत आई थी
शेविंग मत हंड्रेड परसेंट आफ क्वालिटीज
उसे सत्यार्थ हुआ यह बड़े सेठ के पास बहुत
कुछ देने के लिए 90% छुपा लिया 10 बटन
दिया और यह बूढ़ी औरत इसके बाद केवल आधा
सेव था इसके बाद उसके बाद कुछ भी नहीं
दिखाने के लिए वही हंड्रेड परसेंट है उसने
वहीं सब कुच अपना उसको दे दिया और यह
चिंतामणि कि आज वह कैसे खाएगी
तो आप कितना कर सकते थे उसमें से कितना
किया एक आदमी की कैपिसिटी बढ़ाने के लिए
भगवान ने प्रिंसिपल बताए हैं हां और
इसीलिए भगवान कहते हैं कि भगवान बुद्ध
कहते हैं कि सब को समान दृष्टि से देखना
चाहिए पांचवें अध्याय 18 श्लोक
विद्याविनयसंपन्ने ब्राह्मणे
गवि हस्तिनि ने सुनी चाहिए वह सपा के छह
पंडिता मोहम्मद दर्शना कि पंडित व्यक्ति
ब्राह्मण को गाय को हाथी कुत्ते कुत्ते को
मारकर खाने वाले को इन पांचों को एक
दृष्टि से देखते हैं पंडित अस्थमा दर्शना
ही असली खुशी सब कुछ प्राप्त करने में
नहीं है असली खुशी तक उन्हें ने में है और
भगवान समान दृष्टि से सबको देते थे और फिर
ऐसा मैं आया कि भगवान अपीलों को समाप्त
किया मैं आज कम से कम 108 है बता सकता था
वह वाला कथाओं पर ही वीडियो बहुत लंबा हो
गया है इस संसार में सत्य के अलावा सभी का
होना तय है और भगवान ने विभिन्न इलाकों
बंद करने का समय निर्धारित किया था जब
भगवान समाधि में जाने वाले थे गौतम बुद्ध
बताया जाता है कि इसी बुद्ध पूर्णिमा के
दिन उनका जन्म हुआ और इसी बुद्ध पूर्णिमा
के दिन उनका अवतार और उनका तिरोभाव यानी
कि वह चले गए इस संसार से और उस समय वह
आधा लीटर पोर्स अपने भगवान बुद्ध की कई
ब्यूटीफुल मूर्तियां देखी होंगी उनके
डिटेल्स देखेंगे जितने वादे लेते हैं ऐसा
हाथ रखकर के वह उसको बड़ा-बड़ा उसको बहुत
सिगरेट माना जाता है वह धर्म धर्म के अंदर
जगह राधे लेते हुए और अपने बाकी की बची
हुई आरक्षण दे कि धर्म को आगे कैसे लेकर
जाएंगे और उसी दिन उन्होंने छह टीचिंग दिए
कि किसी की हत्या नहीं करना किसी का कुछ
चुराना नहीं इंद्रियतृप्ति को त्याग दो
किसी को दुख नहीं पहुंचाना कभी नशा नहीं
करना और किसी को रिश्वत देना लेना नहीं
तीन उबल टूथ लिए क्या बोला कि दुख आएगा ही
आएगा और दुख का कारण इच्छाएं हैं और जिन
इच्छा समाप्त हो जाएगी दुख समाप्त हो
जाएगा तीन बातें बहुत सुंदर बातें बहुत
सुंदर ज्ञान दिया वहीं कि दुख और परिहार
अनअवॉइडेबल आएगा ही आएगा फॉर इच्छाएं दुख
का कारण है जिस दिन इच्छा से भक्तों के
दुख भी समाप्त हो जाएंगे फ्यूचर फील्डिंग
यह मैं सारे बच्चों को ढक ऑफ बुद्धिज्म यह
520 पॉवर पूरी दुनिया के अंदर लगता प्रश्न
पापुलेशन बुद्धिज्म में कोई होली किताब
नहीं देते कि बाइबिल है खून है या भगवत
गीता है ऐसी कोई किताब नहीं पढ़ी टीचिंग्स
है आज चाइना केंद्र 18 प्रसिद्ध है आज आधे
थाईलैंड के अंदर तिराहे पर लोग बेटियों
जापान केंद्र संख्या 67 लोगों देता है
वैसे बीआर अंबेडकर टाइगर वुड्स स्टीव
जॉब्स और रिचर्ड गियर में उधर पंडित हलचल
के है बहरहाल यह बेसन की कहानी और अब
क्योंकि इस समय बुद्ध पूर्णिमा आई है
इसलिए हम भगवान बुद्ध को याद किया और उनकी
लेशंस आफ किसी भी बच्चे के अंदर खेती में
बड़े के अंदर अगर यह लें इससे कुछ भी आगे
आप इसको जीवन में क्रांति आ सकती है को
धैर्य के साथ करने वाला वीडियो था कि मैं
तो वह इस वीडियो को आप पूरे देश को सुना
यह कितनी संस्कार बदलना चाहता हूं यहां पर
निर्भर संस्कार के साथ व्यापार भी बदलना
चाहता हूं इसलिए मैंने लास्ट वह जाते वक्त
1 मिनट आपको बता दूं बिजनेस के
ब्रह्मास्त्र के बारे में आपको नहीं पता
मैं फास्ट ट्रैक MB विकास को लेकर आया हूं
फास्ट ट्रैक एमबीबीएस कोर्स उसमें 300 से
ज्यादा स्ट्रैटेजी दे रहा हूं आपको मैं हर
लोगों के जीवन में बहुत सारी तकलीफ है
कस्टमर आ रहा है रुकता नहीं है घोषित कैसे
करूं कस्टमर की सर्विस कैसे करूं मैन पावर
कैसे हल कर उस पैसा नहीं है बिजनेस तो
कैसे बड़ा करूं नई लिस्ट कैसे लेकर क्या
मार्केटिंग कैसे करूं सोशल मीडिया कैसे
इस्तेमाल करूं फाइनेंस की समस्या चेंज की
समस्या कस्टमर की समस्या रिक्रूटमेंट की
समस्या पीपल डेवलपमेंट की समस्या सारी
समस्याओं को समाधान फास्ट्रेक MB 12999
में दे रहा हूं हां मैं यह 29 करोड़ 30
लाख 29 हजार नहीं मांग रहा हूं आपसे
उन्हें 399 रुपए मांग रहा हूं सच लो
प्राइस गारंटी फ्री सर्विस गारंटी
रिप्लेसमेंट गारंटी और सबसे बड़ी बात मनी
बैक गारंटी पसंद नहीं आई ना 48 घंटे में
पैसा वापस प्रयोग के चक्कर में कोई नहीं
है टक्कर में स्थित देश को बदलने के लिए
रमेश राठौर चुनाव और क्रांति के साथ हर
संडे को पावरफुल वीडियो लेकर कह रहा हूं
कि इन वीडियो को देख सक तक पहुंच चाहिए और
1999 का रिस्क अपने ले लीजिए नहीं पसंद
अगर पैसा वापस आप और इसके लिए भैया आपको
हंड्रेड परसेंट मनी बैक गारंटी देगा और इस
फ्री कर दिया कंप्लीट यह आपके लिए यह नोट
10500 थ्री इंच यह नंबर जो कभी भूलना नहीं
और बढ़ा है जबकि आप डाउनलोड कर लूंगी उनकी
फ्री है सबके लिए हमारे साथ जुड़े रहने के
लिए पावर और वीडियो को देखने के लिए बताने
के लिए लाभदायक है जाए फिर वीडियो को तक
पहुंचाने के लिए वर्ल्ड नंबर वन तो हमारे
YouTube चैनल पर आने के लिए है आप सबका
हृदय की गहराई से मथुरा के साथ
प्रेमपूर्वक बहुत-बहुत धन्यवाद है
[संगीत]
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